Transliteration: (Basheeranw wa nazeeran fa-a'rada aksaruhum fahum laa yasma'oon)
ख़à¥à¤¶à¤–़बरी सà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥‡ वाला [4] और डर सà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥‡ वाला; फिर à¤à¥€ उनमें से अकà¥à¤¸à¤° लोगों ने मà¥à¤‚ह फेर लिया, पस वे सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ ही नहीं [5]।
क़à¥à¤°à¤†à¤¨ करीम सिरà¥à¤«à¤¼ वही अरबी इबारत है जो अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला ने नाज़िल फ़रमाई। इसका कोई तरà¥à¤œà¥à¤®à¤¾ हक़ीक़ी क़à¥à¤°à¤†à¤¨ नहीं कहला सकता। इसी बिना पर:
यहां 'सà¥à¤¨à¤¨à¥‡' से मà¥à¤°à¤¾à¤¦ क़बूल करने और दिल की तवजà¥à¤œà¥‹à¤¹ से सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ है। जब मà¥à¤¶à¤°à¤¿à¤•़ीन ने हक़ को क़बूल करने की नीयत से सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ से इंकार कर दिया, तो फ़रमाया गया कि वे सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ ही नहीं। इससे यह मसला à¤à¥€ साबित होता है कि क़à¥à¤°à¤†à¤¨ करीम की तिलावत के वक़à¥à¤¤ ख़ामोश रहना और अदब से सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ लाज़िम और वाजिब है।
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