Transliteration: (Qul innamaaa ana basharum mislukum yoohaaa ilaiya annamaaa ilaahukum Ilaahunw Waahidun fastaqeemooo ilaihi wastaghfirooh; wa wailul lil mushrikeen)
आप फ़रमा दीजिठ[9]: मैं तो बस तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ तरह का à¤à¤• इंसान हूं [10], मेरी तरफ़ वही à¤à¥‡à¤œà¥€ जाती है कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ माबूद सिरà¥à¤«à¤¼ à¤à¤• ही माबूद है [11]; पस सीधे उसी की तरफ़ रà¥à¤–़ रखो [12] और उसी से बख़à¥à¤¶à¤¿à¤¶ चाहो [13]; और बरà¥à¤¬à¤¾à¤¦à¥€ है मà¥à¤¶à¤°à¤¿à¤•ों के लिठ[14],
लफ़à¥à¤œà¤¼ 'फ़रमा दीजिà¤' (क़à¥à¤²) अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला का हà¥à¤•à¥à¤® है। अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला ही को यह ज़ेब देता है कि वह अपने महबूब को इस तरह का हà¥à¤•à¥à¤® फ़रमाà¤à¥¤ उमà¥à¤®à¤¤ को यह हक़ नहीं कि वह हà¥à¤œà¤¼à¥‚र सलà¥à¤²à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¹à¥ अलैहि व सलà¥à¤²à¤® को आम इंसानों की तरह समà¤à¥‡ या पà¥à¤•ारे, जैसा कि सूरह नूर में फ़रमाया गया: "रसूल के पà¥à¤•ारने को आपस में à¤à¤¸à¤¾ न ठहरा लो जैसा तà¥à¤® में à¤à¤• दूसरे को पà¥à¤•ारता है।"
हà¥à¤œà¤¼à¥‚र सलà¥à¤²à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¹à¥ अलैहि व सलà¥à¤²à¤® का यह फ़रमाना कि "मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ तरह बशर हूं" आपकी कमाल-à¤-तवाज़ो और आजीज़ी का इज़हार है, यानी मैं ख़à¥à¤¦à¤¾ या ख़à¥à¤¦à¤¾ का बेटा नहीं बलà¥à¤•ि अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ का सचà¥à¤šà¤¾ बंदा और रसूल हूं। इससे आपकी रिसालत, मरà¥à¤¤à¤¬à¤¾-à¤-विलायत और शफ़ाअत की नफ़ी हरगिज़ नहीं होती।
हà¥à¤œà¤¼à¥‚र ï·º और आम इंसानों में बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ फ़रà¥à¤•़ वही-à¤-इलाही है। जिस तरह इंसान और हैवान में अक़à¥à¤² व गोयाई का फ़रà¥à¤•़ है, उसी तरह नबी और उमà¥à¤®à¤¤à¥€ में वही-à¤-इलाही और इसà¥à¤®à¤¤ व नबà¥à¤µà¥à¤µà¤¤ का बेपायां फ़रà¥à¤•़ है। हमारा तौहीद का इलà¥à¤® अंबिया के वासà¥à¤¤à¥‡ से है जबकि अंबिया का इलà¥à¤® बराहे-रासà¥à¤¤ अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला की अता से है।
यानी सचà¥à¤šà¥‡ अक़ाइद अपनाओ और नेक आमाल पर साबित-क़दम रहो जो तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला की रज़ा और कà¥à¤°à¥à¤¬ तक पहà¥à¤‚चा दें।
काफ़िरों को कà¥à¤«à¤¼à¥à¤° से तौबा करने का हà¥à¤•à¥à¤® है, गà¥à¤¨à¤¹à¤—ारों को गà¥à¤¨à¤¾à¤¹à¥‹à¤‚ से इसà¥à¤¤à¤¿à¤—़फ़ार का, और नेककारों को यह हà¥à¤•à¥à¤® है कि वे अपनी इबादतों पर घमंड न करें बलà¥à¤•ि अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ के हà¥à¤œà¤¼à¥‚र आजीज़ी से अरà¥à¤œà¤¼ करें कि हमारी इबादतें तेरी बारगाह के लायक़ नहीं, तू अपने फ़ज़à¥à¤² से क़बूल फ़रमा ले।
मà¥à¤¶à¤°à¤¿à¤•़ीन और तमाम मà¥à¤¨à¤•िरीन-à¤-हक़ के लिठदà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ व आख़िरत में हलाकत और दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• अज़ाब की वईद है।
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