Transliteration: (Innal lazeena kafaroo yunaadawna lamaqtul laahi akbaru mim maqtikum anfusakum iz tud'awna ilal eemaani fatakfuroon)
"बेशक जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कà¥à¤«à¤¼à¥à¤° किया उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤•ार कर कहा जाà¤à¤—ा [27]: 'यक़ीनन आज तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ अपनी जानों से नफ़रत करना [28], अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ की उस सख़à¥à¤¤ बेज़ारी के मà¥à¤•़ाबले में बहà¥à¤¤ कम है जो उस वक़à¥à¤¤ थी जब तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ ईमान की तरफ़ बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ जाता था तो तà¥à¤® कà¥à¤«à¤¼à¥à¤° करते थे [29] ।'"
क़ियामत के दिन काफ़िरों के कà¥à¤«à¤¼à¥à¤° और जà¥à¤°à¥à¤® का à¤à¤°à¥€ महफ़िल में à¤à¤²à¤¾à¤¨ किया जाà¤à¤—ा ताकि उनकी रà¥à¤¸à¤µà¤¾à¤ˆ और ज़िलà¥à¤²à¤¤ तमाम कायनात के सामने ज़ाहिर हो।
जहनà¥à¤¨à¤® का अज़ाब देखकर काफ़िर अपनी ही जानों और अपने बातिल फ़ैसलों पर लानत à¤à¥‡à¤œà¥‡à¤‚गे और ख़ून के आà¤à¤¸à¥‚ रोà¤à¤‚गे।
उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बताया जाà¤à¤—ा कि दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में जब रसूल तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ ईमान और तौहीद की तरफ़ बà¥à¤²à¤¾à¤¤à¥‡ थे और तà¥à¤® तकबà¥à¤¬à¥à¤° से ठà¥à¤•राते थे, उस वक़à¥à¤¤ अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला की बेज़ारी और ग़ज़ब तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ आज की अपनी जान से नफ़रत से कहीं ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ था।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat