Transliteration: (Wa qihimus saiyi-aat; wa man taqis saiyi-aati Yawma'izin faqad rahimtah; wa zaalika huwal fawzul 'azeem (section 1))
"'और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚ (की सज़ा) से बचा ले [25], और जिसे तूने उस दिन बà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚ से बचा लिया तो बेशक तूने उस पर रहमत फ़रमाई, और यही बहà¥à¤¤ बड़ी कामयाबी है [26] ।'"
फ़रिशà¥à¤¤à¥‡ दà¥à¤† करते हैं कि मोमिनीन को क़ियामत की रà¥à¤¸à¤µà¤¾à¤ˆ, गà¥à¤¨à¤¾à¤¹à¥‹à¤‚ के वबाल और जहनà¥à¤¨à¤® के अज़ाब से महफ़ूज़ फ़रमा ले।
क़ियामत के दिन दोज़ख़ से बच जाना और अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ की रहमत का साया पाकर जनà¥à¤¨à¤¤ में दाख़िल हो जाना ही इंसान की सबसे बड़ी और हक़ीक़ी कामयाबी है।
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