कुरान - 40:8 सूरह ग़ाफ़िर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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رَبَّنَا وَأَدۡخِلۡهُمۡ جَنَّـٰتِ عَدۡنٍ ٱلَّتِي وَعَدتَّهُمۡ وَمَن صَلَحَ مِنۡ ءَابَآئِهِمۡ وَأَزۡوَٰجِهِمۡ وَذُرِّيَّـٰتِهِمۡۚ إِنَّكَ أَنتَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡحَكِيمُ

Transliteration: (Rabbanaa wa adkhilhum Jannaati 'adninil latee wa'attahum wa man salaha min aabaaa'ihim wa azwaajihim wa zurriyyaatihim; innaka Antal 'Azeezul Hakeem)

'ऐ हमारे रब! और उन्हें हमेशा रहने वाले बाग़ों (जन्नत) में दाख़िल फ़रमा जिसका तूने उनसे वा'दा फ़रमाया है, और उनके माँ-बाप, बीवियों और औलाद में से जो नेक हों उन्हें भी [23]; बेशक तू ही ग़ालिब, हिकमत वाला है [24] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ग़ाफ़िर आयत 8 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ग़ाफ़िर (अल-मोमिन) तफ़सीर - आयत 8

"'ऐ हमारे रब! और उन्हें हमेशा रहने वाले बाग़ों (जन्नत) में दाख़िल फ़रमा जिसका तूने उनसे वा'दा फ़रमाया है, और उनके माँ-बाप, बीवियों और औलाद में से जो नेक हों उन्हें भी [23]; बेशक तू ही ग़ालिब, हिकमत वाला है [24] ।'"

[23] जन्नत में नेक ख़ानदान का मिलाप

अल्लाह तआला अपने नेक बंदों के इक्राम में उनके सालेह वालिदैन, अज़वाज और औलाद को भी जन्नत में उनके साथ इकट्ठा फ़रमा देगा ताकि उनकी आँखें ठंडी हों और ख़ुशियां मुकम्मल हों।

[24] इज़्ज़त व हिकमत का मालिक

अल्लाह तआला ज़बरदस्त ताक़त और कामिल हिकमत वाला है। वह अपने नेक बंदों की दुआओं को अपने फ़ज़्ल से शरफ़-ए-क़बूलियत अता फ़रमाता है।

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