Transliteration: (Huwal lazee yureekum Aayaatihee wa yunazzilu lakum minas samaaa'i rizqaa; wa maa yatazakkaru illaa mai yuneeb)
"वही है जो तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी निशानियां दिखाता है [35] और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिठआसमान से रिज़à¥à¤•़ (बारिश) नाज़िल फ़रमाता है [36], और नसीहत वही हासिल करता है जो (अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ की तरफ़) रà¥à¤œà¥‚अ लाता है [37] ।"
ज़मीन व आसमान, चाà¤à¤¦-सूरज, हवाà¤à¤‚ और मौसम सब अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ की कà¥à¤µà¥à¤µà¤¤ व वहदानियत की गवाही दे रहे हैं।
बारिश के ज़रिये मà¥à¤°à¥à¤¦à¤¾ ज़मीन को ज़िंदा करना और तरह-तरह के फल, अनाज और सबà¥à¤œà¤¼à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पैदा फ़रमाना अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ ही की रहमत है।
इन निशानियों से वही दिल फ़ायदा उठाते हैं जिनमें अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ का ख़ौफ़ और सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ की तलब हो, और जो हर हाल में अपने ख़ालिक़ की तरफ़ रà¥à¤œà¥‚अ लाते हैं।
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