कुरान - 40:14 सूरह ग़ाफ़िर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

14
فَٱدۡعُواْ ٱللَّهَ مُخۡلِصِينَ لَهُ ٱلدِّينَ وَلَوۡ كَرِهَ ٱلۡكَٰفِرُونَ

Transliteration: (Fad'ul laaha mukhliseena lahud deena wa law karihal kaafiroon)

तो तुम अल्लाह ही की इबादत करो इख़्लास के साथ उसी के बंदे होकर, ख़्वाह काफ़िरों को कितना ही नागवार गुज़रे [38] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ग़ाफ़िर आयत 14 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ग़ाफ़िर (अल-मोमिन) तफ़सीर - आयत 14

"तो तुम अल्लाह ही की इबादत करो इख़्लास के साथ उसी के बंदे होकर, ख़्वाह काफ़िरों को कितना ही नागवार गुज़रे [38] ।"

[38] इख़्लास के साथ बंदगी का हुक्म

मुसलमानों को ताकीद की गई कि वे दुनिया की परवाह किए बग़ैर सिर्फ़ अल्लाह की रज़ा के लिए इबादत करें। काफ़िरों की मुख़ालफ़त या नाराज़गी की कोई परवाह न करें, क्योंकि इज़्ज़त और कामयाबी सिर्फ़ अल्लाह की फ़रमांबरदारी में है।

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