कुरान - 40:53 सूरह ग़ाफ़िर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

53
وَلَقَدۡ ءَاتَيۡنَا مُوسَى ٱلۡهُدَىٰ وَأَوۡرَثۡنَا بَنِيٓ إِسۡرَـٰٓءِيلَ ٱلۡكِتَٰبَ

Transliteration: (Wa laqad aatainaa Moosal hudaa wa awrasnaa Baneee Israaa 'eelal Kitaab)

और बेशक हमने मूसा को हिदायत अता फ़रमाई [136] और बनी इस्राईल को उस किताब (तौरात) का वारिस बनाया [137] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ग़ाफ़िर आयत 53 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ग़ाफ़िर (अल-मोमिन) तफ़सीर - आयत 53

"और बेशक हमने मूसा को हिदायत अता फ़रमाई [136] और बनी इस्राईल को उस किताब (तौरात) का वारिस बनाया [137] ।"

[136] हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम को हिदायत

अल्लाह तआला ने हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम को नबुव्वत, मोजिज़ात और तौरात की सूरत में कामिल हिदायत बख़्शी।

[137] किताब की विरासत

अंबिया-ए-किराम की अस्ल विरासत इल्म-ए-दीन और आसमानी किताबें हैं। बनी इस्राईल को तौरात का वारिस बनाया गया, और इसी तरह उम्मत-ए-मुहम्मदिया को क़ुरआन-ए-अज़ीम की विरासत अता फ़रमाई गई।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now