Transliteration: (Innal lazeena yujaadi loona feee Aayaatil laahi bighairi sultaanin ataahum in fee sudoorihim illaa kibrum maa hum bibaaligheeh; fasta'iz billaahi innahoo Huwas Samee'ul Baseer)
"बेशक जो लोग अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ की आयतों में बग़ैर किसी सनद के जो उनके पास आई हो à¤à¤—ड़ते हैं [142], उनके सीनों में सिरà¥à¤«à¤¼ बड़ाई का घमंड है जिस तक वे कà¤à¥€ नहीं पहà¥à¤à¤š सकेंगे [143] [144]; तो आप अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ की पनाह मांगिà¤, बेशक वही सब कà¥à¤› सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ वाला, देखने वाला है [145] ।"
कà¥à¤«à¤¼à¥à¤«à¤¼à¤¾à¤°-à¤-मकà¥à¤•ा के à¤à¤¤à¤°à¤¾à¤œà¤¼à¤¾à¤¤ महज़ हसद और तकबà¥à¤¬à¥à¤° पर मबà¥à¤¨à¥€ थे।
वे चाहते थे कि हà¥à¤œà¤¼à¥‚र ï·º की नबà¥à¤µà¥à¤µà¤¤ का इनकार करके अपनी à¤à¥‚ठी चौधराहट क़ायम रखें।
अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ ने फ़रमाया कि वे कà¤à¥€ उस à¤à¥‚ठी बड़ाई तक नहीं पहà¥à¤à¤š सकेंगे, बलà¥à¤•ि ज़लील व रà¥à¤¸à¤µà¤¾ होंगे।
अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ ही तमाम शर पसंदों के शर से पनाह देने वाला समीअ व बसीर है।
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