Transliteration: (Afalam yaseeroo fil ardi fa yanzuroo kaifa kaana 'aaqibatul lazeena min qablihim; kaanoo aksara minhum wa ashadda quwwatanw wa aasaaran fil ardi famaaa aghnaa 'anhum maa kaanoo yaksiboon)
"कà¥à¤¯à¤¾ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने ज़मीन में सैर नहीं की [206] ताकि देखते कि उनसे पहले वालों का अंजाम कैसा हà¥à¤† [207]? वे तादाद में इनसे ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ थे और ताक़त में इनसे कहीं बढ़कर थे [208]; तो जो कà¥à¤› वे कमाते थे उनके कà¥à¤› काम न आया [209] ।"
हलाकशà¥à¤¦à¤¾ क़ौमों के खंडरात देखकर इबरत हासिल करना, और औलिया-à¤-किराम के मज़ारात पर बरकत व रहमत के हà¥à¤¸à¥‚ल के लिठहाज़िरी देना दोनों शरीअत में मà¥à¤¸à¥à¤¤à¤¹à¤¸à¤¨ अमल हैं।
पिछली क़ौमों का अंजाम देखकर अपने दिल में अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ का ख़ौफ़ पैदा करना चाहिà¤à¥¤
पिछली क़ौमें तादाद, दौलत और इमारतों में आज के मà¥à¤¨à¤•िरों से कहीं बढ़कर थीं मगर अज़ाब को न टाल सकीं।
जब अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ का अज़ाब आया तो उनकी तमाम दौलत, लशà¥à¤•र और हà¥à¤¨à¤° उनके किसी काम न आà¤à¥¤
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat