Transliteration: (Falammaa jaaa'at hum Rusuluhum bilbaiyinaati farihoo bimaa 'indahum minal 'ilmi wa haaqa bihim maa kaanoo bihee yastahzi'oon)
"फिर जब उनके पास उनके रसूल रोशन दलाइल लेकर आठतो वे अपने उस इलà¥à¤® (दानिशमंदी) पर इतराने लगे जो उनके पास था [210] [211], और जिस (अज़ाब) का वे मज़ाक़ उड़ाते थे उसी ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आ घेरा [212] ।"
काफ़िर रसूलों की लाई हà¥à¤ˆ वहà¥à¤¯ और मोजिज़ात के मà¥à¤•़ाबले में अपने दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤µà¥€ फ़लसफ़ों, तिजारती तजà¥à¤°à¥à¤¬à¥‹à¤‚ और अक़à¥à¤² पर घमंड करते थे और नबियों की तालीमात को दक़ियानूसी समà¤à¤•र मज़ाक़ उड़ाते थे।
दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤µà¥€ इलà¥à¤® व हà¥à¤¨à¤° अगर दीन और वहà¥à¤¯-à¤-इलाही के ताबे न हो तो वह इंसान को गà¥à¤®à¤°à¤¾à¤¹ और मà¥à¤¤à¤•बà¥à¤¬à¤¿à¤° बना देता है।
वे जिस अज़ाब को नामà¥à¤®à¤•िन समà¤à¤•र हà¤à¤¸à¤¤à¥‡ थे, वही अज़ाब अचानक उन पर आ पड़ा और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तबाह कर गया।
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