कुरान - 11:2 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

2
أَلَّا تَعۡبُدُوٓاْ إِلَّا ٱللَّهَۚ إِنَّنِي لَكُم مِّنۡهُ نَذِيرٞ وَبَشِيرٞ

Transliteration: (Allaa ta'budooo illal laah; innanee lakum minhu nazeerunw wa basheer)

(यह कि) तुम अल्लाह के सिवा किसी की इबादत न करो। बेशक मैं तुम्हारे लिए उसकी तरफ़ से डराने वाला और ख़ुशख़बरी देने वाला हूँ [5]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 2 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 2 की तफ़्सीर

✅ [5] नबी करीम ﷺ ख़ुशख़बरी देने वाले

इस आयत से हम समझते हैं कि नबी करीम हज़रत मुहम्मद ﷺ जन्नत की ख़ुशख़बरी देने वाले हैं। आप किसी और नबी के आने का ऐलान नहीं करते, क्योंकि आप आख़िरी रसूल (ख़ातम-उन-नबिय्यीन) हैं। इसलिए आपको बशीर (ख़ुशख़बरी सुनाने वाला) फ़रमाया गया, जो अल्लाह की राह पर चलने वालों को उम्मीद और अबदी सवाब की बशारत देते हैं।

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