कुरान - 11:4 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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إِلَى ٱللَّهِ مَرۡجِعُكُمۡۖ وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٌ

Transliteration: (Ilal laahi marji'ukum wa Huwa 'alaa kulli shai'in Qadeer)

अल्लाह ही की तरफ़ तुम्हारा पलटना है [9], और वह हर चीज़ पर पूरी क़ुदरत रखने वाला है [10]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 4 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 4 की तफ़्सीर

✅ [9] अल्लाह की तरफ़ वापसी

हर इंसान को अल्लाह तआला की बारगाह में वापस लौटना है, मगर फ़र्क़ इस बात में है कि वे किस हाल में लौटते हैं। मोमिन सवाब और रज़ा के साथ लौटता है, जबकि काफ़िर जिल्लत और सज़ा के साथ हाज़िर होगा।

✅ [10] अल्लाह की मुकम्मल क़ुदरत

अल्लाह तआला रिज़्क़ देने, मौत देने और दोबारा ज़िंदा करने पर मुकम्मल क़ुदरत रखता है। इसमें वे तमाम चीज़ें शामिल हैं जिनका तअल्लुक़ दुनिया और आख़िरत दोनों से है।

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