कुरान - 11:43 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

43
قَالَ سَـَٔاوِيٓ إِلَىٰ جَبَلٖ يَعۡصِمُنِي مِنَ ٱلۡمَآءِۚ قَالَ لَا عَاصِمَ ٱلۡيَوۡمَ مِنۡ أَمۡرِ ٱللَّهِ إِلَّا مَن رَّحِمَۚ وَحَالَ بَيۡنَهُمَا ٱلۡمَوۡجُ فَكَانَ مِنَ ٱلۡمُغۡرَقِينَ

Transliteration: (Qaala sa aaweee ilaa jabaliny ya'simunee minal maaa'; qaala laa 'aasimal yawma min amril laahi illaa mar rahim; wa haala bainahumal mawju fakaana minal mughraqeen)

उसने कहा, 'मैं अभी किसी पहाड़ की पनाह ले लूँगा, वह मुझे पानी से बचा लेगा' [92]। नूह ने कहा, 'आज अल्लाह के हुक्म (अज़ाब) से बचाने वाला कोई नहीं सिवाय उसके जिस पर वह रहम फ़रमाए।' और दोनों के दरमियान मौज हायल हो गई, तो वह डूबने वालों में हो गया [93]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 43 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 43 की तफ़्सीर

✅ [92] दुनियावी असबाब पर बेजा भरोसा

कनआन ने अपने बाप की नसीहत ठुकरा दी और समझा कि ऊंचे पहाड़ पर चढ़कर पानी से बच जाएगा। वह यह न समझ सका कि जब क़हरे इलाही नाज़िल हो तो दुनिया का कोई पहाड़ या क़िला पनाह नहीं दे सकता।

✅ [93] कनआन का ग़र्क़ होना

नबी के समझाने के बावजूद एक अज़ीम मौज आई और उसने नूह (अलै.) के बेटे को हमेशा के लिए डुबो दिया। कुफ़्र का अंजाम हमेशा रुसवाई और हलाकत है।

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