कुरान - 11:45 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

45
وَنَادَىٰ نُوحٞ رَّبَّهُۥ فَقَالَ رَبِّ إِنَّ ٱبۡنِي مِنۡ أَهۡلِي وَإِنَّ وَعۡدَكَ ٱلۡحَقُّ وَأَنتَ أَحۡكَمُ ٱلۡحَٰكِمِينَ

Transliteration: (Wa naadaa noohur Rabbahoo faqaala Rabbi innabnee min ahlee wa inna wa'dakal haqqu wa Anta ahkamul haakimeen)

और नूह ने अपने रब को पुकारा और अर्ज़ की, 'ऐ मेरे रब! बेशक मेरा बेटा मेरे घर वालों में से है [95], और यक़ीनन तेरा वादा सच्चा है, और तू सबसे बेहतर फ़ैसला फ़रमाने वाला है' [96]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 45 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 45 की तफ़्सीर

✅ [95] 'मेरे घर वाले' का मफ़हूम

हज़रत नूह (अलै.) ने समझा कि अल्लाह ने अहले ख़ाना की नजात का वादा फ़रमाया था, और बेटा घर वालों का हिस्सा होता है, इसलिए उन्होंने दुआ में यह बात पेश की।

✅ [96] दुआ का मक़सद

नूह (अलै.) ने यह सवाल हक़ीक़ते हाल को समझने और वादे की वज़ाहत के लिए किया था, क्योंकि वे अपने बेटे के दिल में छुपे कुफ़्र से पूरी तरह वाक़िफ़ न थे।

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