कुरान - 11:53 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

53
قَالُواْ يَٰهُودُ مَا جِئۡتَنَا بِبَيِّنَةٖ وَمَا نَحۡنُ بِتَارِكِيٓ ءَالِهَتِنَا عَن قَوۡلِكَ وَمَا نَحۡنُ لَكَ بِمُؤۡمِنِينَ

Transliteration: (Qaaloo yaa Hoodu maa ji'tanaa bibaiyinatinw wa maa nahnu bitaarikeee aalihatinaa 'an qawlika wa maa nahnu laka bimu'mineen)

वे बोले, 'ऐ हूद! तुम हमारे पास कोई वाज़ेह दलील लेकर नहीं आए [112], और हम तुम्हारी बात पर अपने माबूदों को छोड़ने वाले नहीं हैं, और न हम तुम पर ईमान लाने वाले हैं' [113]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 53 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 53 की तफ़्सीर

✅ [112] मुनकिरीन की हठधर्मी

काफ़िरों ने मोजिज़ात और रौशन दलीलों को देखकर भी कह दिया कि आप कोई दलील नहीं लाए; यह उनकी अंधी ज़िद का इज़हार था।

✅ [113] बुतपरस्ती पर इसरार

बाप-दादा के बातिल तरीक़ों पर क़ायम रहने की ज़िद ने उन्हें हक़ क़बूल करने से रोक दिया।

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