कुरान - 11:55 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

55
مِن دُونِهِۦۖ فَكِيدُونِي جَمِيعٗا ثُمَّ لَا تُنظِرُونِ

Transliteration: (Min doonihee fakeedoonee jamee'an summa laa tunziroon)

'उसके सिवा तुम सब मिलकर मेरे ख़िलाफ़ अपनी तदबीरें कर लो [116], और मुझे बिल्कुल मोहलत न दो।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 55 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 55 की तफ़्सीर

✅ [116] नबी की शुजाअत और कामिल तवक्कुल

एक तन्हा इंसान का पूरी ताक़तवर और ज़ालिम क़ौम को खुला चैलेंज देना कि 'तुम सब मिलकर मेरे ख़िलाफ़ साज़िश कर लो और मुझे ज़रा भी मोहलत न दो'—यह इस बात की खुली दलील थी कि हूद (अलै.) सच्चे नबी हैं और अल्लाह की हिफ़ाज़त उनके साथ है।

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