कुरान - 14:36 सूरह इब्राहीम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

36
رَبِّ إِنَّهُنَّ أَضۡلَلۡنَ كَثِيرٗا مِّنَ ٱلنَّاسِۖ فَمَن تَبِعَنِي فَإِنَّهُۥ مِنِّيۖ وَمَنۡ عَصَانِي فَإِنَّكَ غَفُورٞ رَّحِيمٞ

Transliteration: (Rabbi innahunna adlalna kaseeram minan naasi faman tabi'anee fa innahoo minnee wa man 'asaanee fa innaka Ghafoorur Raheem)

"ऐ मेरे रब! इन मूर्तियों ने बहुत-से लोगों को भटका दिया है; अतः जो कोई मेरा अनुसरण करे वह तो मेरा है, और जो मेरी नाफ़रमानी करे, तो निश्चय ही तू बड़ा क्षमाशील, अत्यंत दयावान है।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह इब्राहीम आयत 36 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह इब्राहीम – आयत 36 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] पैग़म्बराना रहमदिली और तौहीद का पैग़ाम

हज़रत इब्राहीम ने फ़रमाया कि जिसने तौहीद पर मेरा साथ दिया वह मेरी जमात में से है, और जिसने नाफ़रमानी की उसके लिए भी उन्होंने तुरंत बद्दुआ नहीं की बल्कि अल्लाह की रहमत और मग़फ़िरत के हवाले किया कि शायद वह तौबा कर ले।

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