कुरान - 14:38 सूरह इब्राहीम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

38
رَبَّنَآ إِنَّكَ تَعۡلَمُ مَا نُخۡفِي وَمَا نُعۡلِنُۗ وَمَا يَخۡفَىٰ عَلَى ٱللَّهِ مِن شَيۡءٖ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَلَا فِي ٱلسَّمَآءِ

Transliteration: (Rabbanaaa innaka ta'lamu maa nukhfee wa maa nu'lin; wa maa yakhfaa 'alal laahi min shai'in fil ardi wa laa fis samaaa')

"ऐ हमारे रब! तू भली-भांति जानता है जो कुछ हम छिपाते हैं और जो कुछ हम प्रकट करते हैं; और अल्लाह से धरती में और आकाश में कोई भी चीज़ छिपी नहीं है।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह इब्राहीम आयत 38 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह इब्राहीम – आयत 38 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] अल्लाह के सामने दिल की कैफ़ियत का समर्पण

हज़रत इब्राहीम ने अपने दिल का ग़म और परिवार से जुदाई का दर्द अल्लाह के हुज़ूर रख दिया कि ऐ रब! तू हमारे ज़ाहिर और बातिन हर जज़्बे से पूरी तरह वाक़िफ़ है।

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