कुरान - 14:39 सूरह इब्राहीम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

39
ٱلۡحَمۡدُ لِلَّهِ ٱلَّذِي وَهَبَ لِي عَلَى ٱلۡكِبَرِ إِسۡمَٰعِيلَ وَإِسۡحَٰقَۚ إِنَّ رَبِّي لَسَمِيعُ ٱلدُّعَآءِ

Transliteration: (Alhamdu lillaahil lazee wahaba lee 'alal kibari Ismaa'eela wa Ishaaq; inna Rabbee lasamee'ud du'aaa)

"सब प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है जिसने मुझे बुढ़ापे में इस्माईल और इस्हाक़ दिए! निस्संदेह मेरा रब प्रार्थना (दुआ) का बहुत सुनने वाला है।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह इब्राहीम आयत 39 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह इब्राहीम – आयत 39 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] बुढ़ापे में औलाद की नेमत पर शुक्र

हज़रत इब्राहीम को अत्यधिक बुढ़ापे (लगभग 86 वर्ष में इस्माईल और 99 वर्ष में इस्हाक़) में अल्लाह ने औलाद अता फ़रमाई। उन्होंने इस अज़ीम नेमत पर अल्लाह का शुक्र अदा किया और गवाही दी कि अल्लाह दुआओं को सुनने और क़ुबूल करने वाला है।

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