कुरान - 14:40 सूरह इब्राहीम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

40
رَبِّ ٱجۡعَلۡنِي مُقِيمَ ٱلصَّلَوٰةِ وَمِن ذُرِّيَّتِيۚ رَبَّنَا وَتَقَبَّلۡ دُعَآءِ

Transliteration: (Rabbij 'alnee muqeemas Salaati wa min zurriyyatee Rabbanaa wa taqabbal du'aaa')

"ऐ मेरे रब! मुझे नमाज़ क़ायम करने वाला बना और मेरी संतान में से भी; ऐ हमारे रब! और मेरी प्रार्थना स्वीकार फ़रमा।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह इब्राहीम आयत 40 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह इब्राहीम – आयत 40 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] रब्बिज्अ़लनी मुक़ीमस-सलाति (नमाज़ की पाबंदी की जामे दुआ)

यह हर नमाज़ के अंत में पढ़ी जाने वाली अत्यंत मशहूर मसनून दुआ है। एक नबी होने के बावजूद हज़रत इब्राहीम ने अपने लिए और अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए नमाज़ की पाबंदी और इस्तिक़ामत की दुआ मांगी।

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