कुरान - 14:41 सूरह इब्राहीम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

41
رَبَّنَا ٱغۡفِرۡ لِي وَلِوَٰلِدَيَّ وَلِلۡمُؤۡمِنِينَ يَوۡمَ يَقُومُ ٱلۡحِسَابُ

Transliteration: (Rabbanagh fir lee wa liwaalidaiya wa lilmu'mineena Yawma yaqoomul hisaab)

"ऐ हमारे रब! मुझे, और मेरे माता-पिता को, और सब ईमान वालों को उस दिन क्षमा फ़रमा जब हिसाब क़ायम होगा।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह इब्राहीम आयत 41 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह इब्राहीम – आयत 41 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] रब्बनग़फ़िर ली व लि-वालिदय्या व लिल-मोमिनीन

क़ुरआन की यह मुबारक दुआ नमाज़ में तशह्हुद के बाद पढ़ी जाती है। इसमें अपने लिए, वालिदैन के लिए और कयामत तक आने वाले सभी मोमिन मर्दों और औरतों के लिए मग़फ़िरत की दरख़्वास्त की गई है।

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