कुरान - 14:42 सूरह इब्राहीम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

42
وَلَا تَحۡسَبَنَّ ٱللَّهَ غَٰفِلًا عَمَّا يَعۡمَلُ ٱلظَّـٰلِمُونَۚ إِنَّمَا يُؤَخِّرُهُمۡ لِيَوۡمٖ تَشۡخَصُ فِيهِ ٱلۡأَبۡصَٰرُ

Transliteration: (Wa laa tahsabannal laaha ghaafilan 'ammaa ya'maluz zaalimoon; innamaa yu'akh khiruhum li Yawmin tashkhasu feehil absaar)

और कदापि ऐसा न समझो कि ज़ालिम लोग जो कुछ कर रहे हैं अल्लाह उससे बेख़बर (ग़ाफ़िल) है; वह तो बस उन्हें उस दिन तक की ढील दे रहा है जिसमें आंखें फटी की फटी रह जाएंगी— (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह इब्राहीम आयत 42 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह इब्राहीम – आयत 42 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] ज़ालिमों की ढील और क़यामत की दहशत

मज़लूमों के लिए तसल्ली और ज़ालिमों के लिए सख़्त चेतावनी: अल्लाह ज़ालिमों के एक-एक ज़ुल्म को देख रहा है। दुनिया में मिलने वाली छूट उसकी ढील है, मगर जब क़यामत का दिन आएगा तो दहशत के मारे उनकी आंखें खुली की खुली और पथराई रह जाएंगी।

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