कुरान - 19:2 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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ذِكۡرُ رَحۡمَتِ رَبِّكَ عَبۡدَهُۥ زَكَرِيَّآ

Transliteration: (Zikru rahmati Rabbika 'abdahoo Zakariyya)

यह आपके रब की उस रहमत का तज़्किरा है जो उसने अपने बन्दे ज़करिय्या पर फ़रमाई थी। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 2 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 2

✅ हज़रत ज़करिय्या पर अल्लाह की ख़ास रहमत

यहाँ से अल्लाह तआला अपने जलीलुल क़द्र नबी हज़रत ज़करिय्या (अलैहिस्सलाम) पर नाज़िल होने वाली ख़ास रहमत और उनकी दुआ की क़बूलियत का दिलकश वाक़िआ बयान फ़रमाता है।

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