कुरान - 19:3 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

3
إِذۡ نَادَىٰ رَبَّهُۥ نِدَآءً خَفِيّٗا

Transliteration: (Iz naadaa Rabbahoo nidaaa'an khafiyyaa)

जब उन्होंने अपने रब को चुपके-चुपके (आहिस्ता आवाज़ में) पुकारा। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 3 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 3

✅ चुपके-चुपके दुआ मांगने का अदब

हज़रत ज़करिय्या (अलैहिस्सलाम) ने तन्हाई में इन्तेहाई आजिज़ाना और आहिस्ता आवाज़ से दुआ मांगी। दुआ में इख़्लास और ख़ुशूअ की अलामत यह है कि बंदा दिखावे और शोर से बचकर सिर्फ़ अपने रब के हुज़ूर गिड़गिड़ाए, क्योंकि अल्लाह दिलों की धड़कनों तक को सुनने वाला है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now