कुरान - 19:60 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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إِلَّا مَن تَابَ وَءَامَنَ وَعَمِلَ صَٰلِحٗا فَأُوْلَـٰٓئِكَ يَدۡخُلُونَ ٱلۡجَنَّةَ وَلَا يُظۡلَمُونَ شَيۡـٔٗا

Transliteration: (Illaa man taaba wa aamana wa 'amila saalihan fa ulaaa'ika yadkhuloonal jannata wa laa yuzlamoona shai'aa)

सिवाय उन लोगों के जिन्होंने तौबा कर ली और ईमान ले आए और नेक अमल किया; तो ये लोग जन्नत में दाख़िल होंगे और उन पर ज़रा सा भी ज़ुल्म नहीं किया जाएगा। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 60 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 60

✅ तौबा का दरवाज़ा और जन्नत की बशारत

अल्लाह की रहमत बेपायां है। जो लोग अपने गुनाहों से सच्ची तौबा कर लें, ईमान को ताज़ा करें और नेक आमाल में लग जाएं, अल्लाह उनके पिछले गुनाह मुआफ़ फ़रमाकर उन्हें जन्नत अता फ़रमाएगा और उनके सवाब में रत्ती बराबर भी कमी नहीं होगी।

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