कुरान - 19:63 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

63
تِلۡكَ ٱلۡجَنَّةُ ٱلَّتِي نُورِثُ مِنۡ عِبَادِنَا مَن كَانَ تَقِيّٗا

Transliteration: (Tilkal jannatul latee noorisu min 'ibaadinaa man kaana taqiyyaa)

यह वह जन्नत है जिसका वारिस हम अपने बन्दों में से उसको बनाएंगे जो मुत्तक़ी (परहेज़गार) होगा। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 63 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 63

✅ जन्नत की विरासत सिर्फ़ मुत्तक़ीन के लिए

जन्नत किसी दुनियावी नसब, दौलत या दावे से नहीं मिलती। इसका वारिस सिर्फ़ वही बंदा बनेगा जिसके दिल में तक़वा, अल्लाह का ख़ौफ़ और नेक आमाल होंगे।

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