कुरान - 47:5 सूरह मुहम्मद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

5
سَيَهۡدِيهِمۡ وَيُصۡلِحُ بَالَهُمۡ

Transliteration: (Sa-yahdeehim wa yuslihu baalahum)

वह उन्हें हिदायत देगा और उनकी हालत संवार देगा [17]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मुहम्मद आयत 5 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह मुहम्मद तफ़सीर - आयत 5

"वह उन्हें हिदायत देगा और उनकी हालत संवार देगा [17]।"


[17] शहीदों और मोमिनों का सम्मान व हालत की बेहतरी

इस आयत में अल्लाह तआला ने उन लोगों के बारे में दो अज़ीम वादे फ़रमाए हैं जो अल्लाह की राह में लड़े या शहीद हुए:

  1. हिदायत अता फ़रमाना: इसका अर्थ यह है कि अल्लाह उन्हें जन्नत के सीधे और आसान रास्तों की तरफ़ रहनुमाई फ़रमाएगा। बारगाह-ए-इलाही में उनकी रूहों को आला मक़ाम और रूहानी रौशनी अता की जाएगी।
  2. हालत संवारना (इस्लाह-ए-हाल):
    • आलम-ए-बरज़ख़ में: शहीदों को क़ब्र में अज़ाब और घबराहट से सुरक्षित रखा जाता है; उनके जिस्म और रूह को अल्लाह की रहमत और रिज़्क़ नसीब होता है।
    • हश्र के मैदान में: क़यामत के दिन जब आम लोग ख़ौफ़ और परेशानी में होंगे, ये अल्लाह के महबूब बेख़ौफ़ और इज्ज़त के साथ उठाए जाएँगे।
    • दुनियावी अहवाल में: उनके पीछे छूटे अहलो-अयाल और औलाद की अल्लाह तआला ख़ुद कफ़ालत व हिफ़ाज़त फ़रमाता है।

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