Transliteration: (Yaaa ayyuhal lazeena aamanooo in tansurul laaha yansurkum wa yusabbit aqdaamakum)
"ऐ ईमान वालो! अगर तुम अल्लाह (के दीन) की मदद करोगे, तो वह तुम्हारी मदद फ़रमाएगा [19] और तुम्हारे क़दम जमा देगा [20]।"
अल्लाह तआला तमाम जहानों से बेपरवाह और बेनियाज़ है; उसे किसी की मदद की ज़रूरत नहीं। यहाँ 'अल्लाह की मदद' से मुराद अल्लाह के प्यारे रसूल ﷺ की मदद करना, शरीअत की हिमायत करना और दीन-ए-इस्लाम का प्रचार व प्रसार करना है।
जब मोमिन अपनी जान, माल, ज़बान और क़लम से इस्लाम की ख़िदमत करते हैं, तो अल्लाह तआला अपनी ग़ैबी मदद (नुसरत-ए-इलाही) उनके साथ शामिल फ़रमा देता है और उन्हें दुश्मनों पर ग़लबा अता करता है।
क़दम जमाने के कई आयाम हैं:
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat