कुरान - 47:9 सूरह मुहम्मद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

9
ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمۡ كَرِهُواْ مَآ أَنزَلَ ٱللَّهُ فَأَحۡبَطَ أَعۡمَٰلَهُمۡ

Transliteration: (Zaalika bi annahum karihoo maaa anzal allaahu fa ahbata a'maalahum)

यह इसलिए कि उन्होंने उस चीज़ को नापसंद किया जो अल्लाह ने नाज़िल फ़रमाई [22], तो अल्लाह ने उनके आमाल बर्बाद कर दिए। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मुहम्मद आयत 9 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह मुहम्मद तफ़सीर - आयत 9

"यह इसलिए कि उन्होंने उस चीज़ को नापसंद किया जो अल्लाह ने नाज़िल फ़रमाई [22], तो अल्लाह ने उनके आमाल बर्बाद कर दिए।"


[22] वही-ए-इलाही और हुज़ूर ﷺ की नुबुव्वत से बुग़्ज़ रखना

इस आयत में काफ़िरों की बर्बादी का बुनियादी कारण स्पष्ट किया गया है:

  • वे अल्लाह की नाज़िल की हुई शरीअत और ख़ास तौर पर हुज़ूर अकरम ﷺ की रिसालत व शान से नफ़रत और बुग़्ज़ रखते थे।
  • उन्हें यह बात गवारा नहीं थी कि इलाही अहकाम उनकी मनमानी और नफ़्सानी ख़्वाहिशात पर पाबंदी लगाएँ। वे बिना किसी जवाबदेही के बेलगाम आज़ादी चाहते थे।
  • अल्लाह के हुक्म या नबी की सुन्नत से नफ़रत करना कुफ़्र है, और यह इंसान के तमाम भले आमाल को जलाकर राख कर देता है।

रेवड़ से बिछड़ी भेड़ और भेड़िये की मिसाल

तफ़सीर में हज़रत मुफ़्ती साहब फ़रमाते हैं कि जो भेड़ अपने गल्ले (झुंड) से अलग हो जाती है, भेड़िया उसे आसानी से चीर-फाड़ डालता है। इसी तरह जो शख़्स अल्लाह की जमाअत, नबी-ए-करीम ﷺ की सुन्नत और अहले-हक़ के कारवाँ से कट जाता है, शैतान उसे आसानी से अपना शिकार बनाकर तबाह कर देता है।

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