कुरान - 38:4 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

4
وَعَجِبُوٓاْ أَن جَآءَهُم مُّنذِرٞ مِّنۡهُمۡۖ وَقَالَ ٱلۡكَٰفِرُونَ هَٰذَا سَٰحِرٞ كَذَّابٌ

Transliteration: (Wa 'ajibooo an jaaa'a hum munzirum minhum wa qaalal kaafiroona haazaa saahirun kazzaab)

और उन्हें इस पर ताज्जुब हुआ कि उनके पास उन्हीं में से एक डराने वाला आया [6], और काफ़िर बोले: यह तो जादूगर है, बड़ा झूठा है [7]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 4 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 4

"और उन्हें इस पर ताज्जुब हुआ कि उनके पास उन्हीं में से एक डराने वाला आया [6], और काफ़िर बोले: यह तो जादूगर है, बड़ा झूठा है [7]!"

[6] बशरी रिसालत पर बेजा एतराज़

काफ़िर इस बात पर हैरान और मुअत्तरिज़ हुए कि उन्हीं में से एक इंसान रसूल बनकर क्यों आया। उनकी नादानी का हाल यह था कि वे पत्थर के बेजान बुतों की पूजा करते थे मगर अल्लाह के मुक़द्दस नबी पर ईमान लाने से कतराते थे।

[7] इस्लाम के ग़लबे से ख़ौफ़ और झूठे इल्ज़ामात

जब हज़रत उमर फ़ारूक़ (रदियल्लाहु अन्हु) ने इस्लाम क़बूल फ़रमाया और मुसलमानों की ताक़त बढ़ी, तो कुरैश के पच्चीस सरदारों ने वलीद बिन मुग़ीरा की क़ियादत में अबू तालिब के पास जाकर हुज़ूर ﷺ को रोकने का मुतालबा किया। जब वे नाकाम रहे, तो अपनी बौखलाहट में हुज़ूर ﷺ की शान में जादूगर और झूठा होने के नापाक बोहतान बाँधने लगे।

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