कुरान - 34:45 सूरह सबअ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

45
وَكَذَّبَ ٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِهِمۡ وَمَا بَلَغُواْ مِعۡشَارَ مَآ ءَاتَيۡنَٰهُمۡ فَكَذَّبُواْ رُسُلِيۖ فَكَيۡفَ كَانَ نَكِيرِ

Transliteration: (Wa kazzabal lazeena min qablihim wa maa balaghoo mi'shaara maaa aatainaahum fakazzaboo Rusulee; fakaifa kaana nakeer (section 5))

और जो लोग इनसे पहले थे उन्होंने भी झुठलाया था, हालाँकि ये (क़ुरैश) उसके दसवें हिस्से को भी नहीं पहुंचे जो हमने उन्हें दिया था [133]; फिर उन्होंने मेरे रसूलों को झुठलाया, तो (देखो) मेरा अज़ाब कैसा हुआ! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह सबअ आयत 45 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह सबा तफ़सीर - आयत 45

"और जो लोग इनसे पहले थे उन्होंने भी झुठलाया था, हालाँकि ये उसके दसवें हिस्से को भी नहीं पहुंचे जो हमने उन्हें दिया था [133]। फिर उन्होंने मेरे रसूलों को झुठलाया, तो देखो मेरा अज़ाब कैसा हुआ!"

[133] पिछली ताक़तवर क़ौमों की हलाकत से इबरत

अल्लाह तआला कुरैश को तंबीह फ़रमाता है कि पिछली क़ौमों जैसे क़ौमे आद, समूद और फ़िरऔन को जो उम्र, ताक़त, दौलत और शान दी गई थी, तुम उसका दसवां हिस्सा भी नहीं रखते। जब वे अज़ीम क़ौमें अपनी सरकशी की वजह से तबाह कर दी गईं, तो तुम कमज़ोर लोग अल्लाह के अज़ाब से कैसे बच सकोगे!

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