कुरान - 12:54 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

54
وَقَالَ ٱلۡمَلِكُ ٱئۡتُونِي بِهِۦٓ أَسۡتَخۡلِصۡهُ لِنَفۡسِيۖ فَلَمَّا كَلَّمَهُۥ قَالَ إِنَّكَ ٱلۡيَوۡمَ لَدَيۡنَا مَكِينٌ أَمِينٞ

Transliteration: (Wa qaalal maliku' toonee biheee astakhlishu linafsee falammaa kallamahoo qaala innakal yawma ladainaa makeenun ameen)

और राजा ने कहा, "उसे मेरे पास ले आओ, मैं उसे विशेष रूप से अपने लिए चुन लूँगा!" फिर जब उसने उनसे बातचीत की, तो कहा, "निस्संदेह, आज से आप हमारे यहाँ बड़े प्रतिष्ठित, सम्मानित और भरोसेमंद स्थान पर हैं।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 54 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 54 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] राजा का पूर्ण विश्वास और शाही सलाहकार का पद

जब राजा ने हज़रत यूसुफ़ का ज्ञान, हिकमत, शालीनता और निष्कलंक चरित्र देखा, तो वह अत्यधिक प्रभावित हुआ और कहा कि आज से मिस्र साम्राज्य में आपका स्थान सर्वोच्च और विश्वसनीय है।

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