कुरान - 20:13 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

13
وَأَنَا ٱخۡتَرۡتُكَ فَٱسۡتَمِعۡ لِمَا يُوحَىٰٓ

Transliteration: (Wa anakhtartuka fastami' limaa yoohaa)

13. 'और मैंने आपको (अपनी रिसालत के लिए) चुन लिया है [14]; पस जो वह्य की जा रही है उसे ग़ौर से सुनिए।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 13 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 13 की तफ़सीर

" 'और मैंने आपको चुन लिया है [14]; पस जो वह्य की जा रही है उसे ग़ौर से सुनिए।' "

[14] कलीमुल्लाह — बे-वास्ता कलाम की अज़ीम शान

हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने यह कलाम बग़ैर किसी फ़रिश्ते के वास्ते के बराहे-रास्त सुना। हज़रत मूसा ने यह कलाम इस क़दर क़रीब से महसूस किया कि रिवायत में है कि जिस्म के हर बाल से आवाज़ सुनाई दी।

इसी बेमिसाल शरफ़ की वजह से हज़रत मूसा को 'कलीमुल्लाह' (अल्लाह से कलाम करने वाला) का लक़ब अता हुआ।

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