Transliteration: (Wa anakhtartuka fastami' limaa yoohaa)
" 'और मैंने आपको चुन लिया है [14]; पस जो वह्य की जा रही है उसे ग़ौर से सुनिए।' "
हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने यह कलाम बग़ैर किसी फ़रिश्ते के वास्ते के बराहे-रास्त सुना। हज़रत मूसा ने यह कलाम इस क़दर क़रीब से महसूस किया कि रिवायत में है कि जिस्म के हर बाल से आवाज़ सुनाई दी।
इसी बेमिसाल शरफ़ की वजह से हज़रत मूसा को 'कलीमुल्लाह' (अल्लाह से कलाम करने वाला) का लक़ब अता हुआ।
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