Transliteration: (Iz awhainaaa ilaaa ummika maa yoohaaa)
" 'जब हमने तुम्हारी वालिदा (माँ) के दिल में वह बात डाली जो इल्हाम की जानी थी [34];' "
इससे मुराद वह इल्हाम है जो दिल में डाला गया या सच्चे ख़्वाब के ज़रिए दिखाया गया।
इससे मालूम हुआ कि हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) की वालिदा माजिदा अल्लाह की वली (सय्यिदा-ए-कामिला) थीं, क्योंकि इल्हाम विलायत का आफ़ताब और दर्ज़ा है।
यह रूहानी ख़िताब उनकी अज़ीम बुज़ुर्गी और बारगाह-ए-इलाही में क़ुर्बत को ज़ाहिर करता है।
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