कुरान - 20:84 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

84
قَالَ هُمۡ أُوْلَآءِ عَلَىٰٓ أَثَرِي وَعَجِلۡتُ إِلَيۡكَ رَبِّ لِتَرۡضَىٰ

Transliteration: (Qaala hum ulaaa'i 'alaaa asaree wa 'ajiltu ilaika Rabbi litardaa)

84. अर्ज़ किया, 'वे लोग मेरे पीछे ही हैं, और ऐ मेरे रब! मैं तेरी तरफ़ जल्दी हाज़िर हुआ ताकि तू मुझसे राज़ी हो जाए [113] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 84 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 84 की तफ़सीर

"अर्ज़ किया, 'वे लोग मेरे पीछे ही हैं, और ऐ मेरे रब! मैं तेरी तरफ़ जल्दी हाज़िर हुआ ताकि तू मुझसे राज़ी हो जाए [113] ।' "

[113] रिज़ा-ए-इलाही की तलब और इज्तिहाद

इससे मालूम हुआ कि अल्लाह की रज़ा और मुहब्बत में जल्दी करना महबूब अमल है, और नबी अपनी समझ व मुहब्बत (इज्तिहाद) से भी अल्लाह की ख़ुशनूदी हासिल करने के लिए क़दम उठाते हैं।

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