Transliteration: (Qaala fa innaa qad fatannaa qawmaka mim ba'dika wa adallahumus Saamiriyy)
"फ़रमाया, 'तो बेशक हमने तुम्हारे पीछे तुम्हारी क़ौम को आज़माइश में डाल दिया [114] और सामरी ने उन्हें गुमराह कर दिया [115] ।' "
हज़रत मूसा की ग़ैर-मौजूदगी में क़ौम की आज़माइश हुई। इससे मालूम हुआ कि क़ौमें अक्सर रहनुमा की ग़ैर-हाज़िरी में आज़माई जाती हैं।
सामरी ने सोने का बछड़ा बनाकर क़ौम को बहका दिया। चूंकि वह इस फ़ित्ने का अस्ल सबब था, इसलिए गुमराही की निस्बत उसी की तरफ़ की गई।
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