Transliteration: (Qaaloo taaa'irukum ma'akum; a'in zukkirtum; bal antum qawmum musrifoon)
"रसूलों ने फ़रमाया: 'तुम्हारी नहूसत तो तुम्हारे अपने साथ है [28]; क्या इसलिए कि तुम्हें नसीहत की गई? बल्कि तुम हद से बढ़ जाने वाले लोग हो [29]!'"
रसूलों ने फ़रमाया कि अस्ल नहूसत और बद-शगुनी तुम्हारा अपना शिर्क, नाफ़रमानी और कुफ़्र है। अल्लाह के रसूल तो सरापा रहमत व बरकत होते हैं, उनकी वजह से कभी नहूसत नहीं आती।
तुम्हें चाहिए था कि नसीहत पर शुक्र अदा करते, मगर तुमने धमकियां और तकज़ीब शुरू कर दी; तुम सरकश और हद से गुज़र जाने वाले लोग हो।
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