कुरान - 36:24 सूरह या-सीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

24
إِنِّيٓ إِذٗا لَّفِي ضَلَٰلٖ مُّبِينٍ

Transliteration: (Inneee izal-lafee dalaa-lim-mubeen)

"बेशक तब तो मैं खुली गुमराही में हूँगा [36]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह या-सीन आयत 24 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह या-सीन तफ़सीर - आयत 24

"बेशक तब तो मैं खुली गुमराही में हूँगा [36]!"

[36] हक़ के इज़हार में बे-बाकी और शहादत का आग़ाज़

हबीब नज्जार ने ऐलान फ़रमाया कि अगर मैं ख़ालिक़े कायनात को छोड़कर इन बे-जान पत्थरों की पूजा करूँ तो मैं सरीह और खुली गुमराही में मुब्तला हो जाऊँगा।

उनकी यह पुर-जलाल बात सुनकर काफ़िरों का हुजूम आपे से बाहर हो गया और उन्होंने हज़रत हबीब नज्जार को घेर लिया। ज़ालिमों ने उन पर पत्थरों, लातों और घूंसों की बारिश कर दी। जब हज़रत हबीब नज्जार ने देखा कि शहादत का वक़्त आ गया है, तो उन्होंने रसूलों की तरफ़ रुख़ करके अपने ईमान की गवाही पेश की।

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