कुरान - 36:27 सूरह या-सीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

27
بِمَا غَفَرَ لِي رَبِّي وَجَعَلَنِي مِنَ ٱلۡمُكۡرَمِينَ

Transliteration: (Bimaa ghafara lee Rabbee wa ja'alanee minal mukrameen (End Juz 22))

"कि मेरे रब ने मुझे बख़्श दिया और मुझे इज़्ज़त वाले बंदों में शामिल फ़रमा दिया [40]!" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह या-सीन आयत 27 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह या-सीन तफ़सीर - आयत 27

"कि मेरे रब ने मुझे बख़्श दिया और मुझे इज़्ज़त वाले बंदों में शामिल फ़रमा दिया [40]!"

[40] मग़फ़िरत और मुकर्रम बंदों में शुमार

हज़रत हबीब नज्जार ने फ़रमाया कि अल्लाह ने ईमान की बरकत से मेरी मुकम्मल मग़फ़िरत फ़रमा दी और मुझे अपने मुक़र्रब और इज़्ज़तदार बंदों की सफ़ में शामिल फ़रमा लिया। ईमान इंसान के पिछले तमाम गुनाहों को धो डालता है और उसे बारगाहे इलाही में मुकर्रम बना देता है।

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