कुरान - 36:45 सूरह या-सीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

45
وَإِذَا قِيلَ لَهُمُ ٱتَّقُواْ مَا بَيۡنَ أَيۡدِيكُمۡ وَمَا خَلۡفَكُمۡ لَعَلَّكُمۡ تُرۡحَمُونَ

और जब उनसे कहा जाता है: "उस (अज़ाब) से डरो जो तुम्हारे सामने है और जो तुम्हारे पीछे है [67] ताकि तुम पर रहम किया जाए" (तो वे मुंह फेर लेते हैं); (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह या-सीन आयत 45 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह या-सीन तफ़सीर - आयत 45

"और जब उनसे कहा जाता है: 'उस (अज़ाब) से डरो जो तुम्हारे सामने है और जो तुम्हारे पीछे है [67] ताकि तुम पर रहम किया जाए';"

[67] दुनिया और आख़िरत के अज़ाब से डरना और तक़्वा

"जो तुम्हारे सामने है" से मुराद दुनिया के अज़ाब, मौत की सख़्तियां और पहली क़ौमों की हलाकत है, और "जो तुम्हारे पीछे है" से मुराद क़ब्र और आख़िरत की होलनाकियां हैं।

या इसका मतलब यह है कि उन गुनाहों से बचो जो तुम कर चुके हो और उन गुनाहों से भी बचो जो आइंदा सामने आ सकते हैं। तक़्वा ही रहमते इलाही के नुज़ूल का ज़रिया है।

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