कुरान - 36:5 सूरह या-सीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

5
تَنزِيلَ ٱلۡعَزِيزِ ٱلرَّحِيمِ

Transliteration: (Tanzeelal 'Azeezir Raheem)

निहायत ज़बरदस्त (अज़ीज़), बड़े रहम वाले की तरफ़ से उतारा हुआ [5] कलाम है; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह या-सीन आयत 5 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह या-सीन तफ़सीर - आयत 5

"निहायत ज़बरदस्त, बड़े रहम वाले की तरफ़ से उतारा हुआ [5] कलाम है;"

[5] तंज़ीले इलाही की हैबत व रहमत

यह क़ुरआन उस ज़ात की तरफ़ से नाज़िल हुआ है जो 'अज़ीज़' (सब पर ग़ालिब व ज़बरदस्त) और 'रहीम' (बेहद रहम फ़रमाने वाला) है। इसमें यह पैग़ाम है कि जो इस पर ईमान लाएगा उस पर अल्लाह की रहमत बरसेगी, और जो सरकशी करेगा उस पर अल्लाह का ग़लबा व अज़ाब आएगा।

क़ुरआने मजीद 23 साल के अरसे में हस्बे ज़रूरत ब-तदरीज़ (आहिस्ता-आहिस्ता) नाज़िल हुआ। 'तंज़ील' (ऊपर से उतारना) क़ुरआन की रिफ़अत, अज़मत और मर्तबे की बुलंदी को ज़ाहिर करता है, यह जिस्मानी मकान के मानी में नहीं है क्योंकि अल्लाह मकान व ज़मान से पाक है।

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