कुरान - 36:3 सूरह या-सीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

3
إِنَّكَ لَمِنَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ

Transliteration: (Innaka laminal mursaleen)

बेशक आप [3] यक़ीनन रसूलों में से हैं; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह या-सीन आयत 3 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह या-सीन तफ़सीर - आयत 3

"बेशक आप [3] यक़ीनन रसूलों में से हैं;"

[3] हुज़ूर ﷺ की रिसालत की क़तई तस्दीक़

यह आयत अल्लाह तआला की तरफ़ से हुज़ूर सय्यिदे आलम ﷺ की रिसालत का क़तई ऐलान है। क़ुरआने हकीम की क़सम खाने के फ़ौरन बाद यह फ़रमाना बताता है कि हुज़ूर ﷺ की रिसालत की सदाक़त पर ख़ुद क़ुरआन और उसका नाज़िल करने वाला रब गवाह है।

यहाँ दो अज़ीम हक़ीक़तें रौशन होती हैं:

  1. हुज़ूर ﷺ की रिसालत की ऐसी अज़मत है कि रब्बे कायनात ने उस पर क़ुरआने अज़ीम की क़सम खाई, ताकि मुनकिरीन और काफ़िरों के तमाम शुकूक व शुबहात जड़ से कट जाएं।
  2. अल्लाह तआला फ़रमाता है: "बेशक मेरा रब सीधे रास्ते पर है" (सूरह हूद), और यहाँ अपने महबूब ﷺ के लिए फ़रमाया कि आप सीधे रास्ते पर भेजे गए हैं। यानी अल्लाह की रज़ा और मुस्तफ़ा ﷺ का रास्ता एक ही हक़ीक़त के दो उनवान हैं।

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