कुरान - 36:78 सूरह या-सीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

78
وَضَرَبَ لَنَا مَثَلٗا وَنَسِيَ خَلۡقَهُۥۖ قَالَ مَن يُحۡيِ ٱلۡعِظَٰمَ وَهِيَ رَمِيمٞ

Transliteration: (Wa daraba lanaa maslanw-wa nasiya khalqahoo qaala mai-yuhyil'izaama wa hiya rameem)

और उसने हमारे लिए एक मिसाल बयान की और अपनी पैदाइश को भूल गया [115]; कहने लगा: "इन सड़ी-गली हड्डियों को कौन ज़िंदा करेगा [116]?" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह या-सीन आयत 78 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह या-सीन तफ़सीर - आयत 78

"और उसने हमारे लिए एक मिसाल बयान की और अपनी पैदाइश को भूल गया [115]; कहने लगा: 'इन सड़ी-गली हड्डियों को कौन ज़िंदा करेगा [116]?'"

[115] अपनी पैदाइश को भूल जाना

काफ़िर ने अपनी अक़्ल को पैमाना बनाया और यह भूल गया कि वह ख़ुद पहले कुछ न था, अल्लाह ही ने उसे अदम से वजूद बख़्शा। जब पहली बार बिना किसी मिसाल के पैदा कर दिया, तो दोबारा पैदा करना तो पहली बार से भी आसान है।

[116] बोसीदा हड्डियों के ज़िंदा होने पर एतराज़

उबई बिन ख़लफ़ ने पुरानी क़ब्र से गली हुई हड्डी निकाल कर अपने हाथों से मसला और उसकी राख हवा में उड़ाते हुए तकब्बुर से कहा: कौन है जो इसे दोबारा ज़िंदा कर सके? यह उसकी नादानी और कु़दरते इलाही से जहालत थी।

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