कुरान - 36:79 सूरह या-सीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

79
قُلۡ يُحۡيِيهَا ٱلَّذِيٓ أَنشَأَهَآ أَوَّلَ مَرَّةٖۖ وَهُوَ بِكُلِّ خَلۡقٍ عَلِيمٌ

Transliteration: (Qul yuh yeehal lazeee ansha ahaaa awwala marrah; wa Huwa bikulli khalqin 'Aleem)

आप फ़रमा दीजिए: "वही उन्हें ज़िंदा फ़रमाएगा जिसने उन्हें पहली बार पैदा किया था [117], और वह हर तरह की पैदाइश से ख़ूब वाक़िफ़ है!" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह या-सीन आयत 79 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह या-सीन तफ़सीर - आयत 79

"आप फ़रमा दीजिए: 'वही उन्हें ज़िंदा फ़रमाएगा जिसने उन्हें पहली बार पैदा किया था [117], और वह हर तरह की पैदाइश से ख़ूब वाक़िफ़ है!'"

[117] ख़ालिक़े अव्वल ही दोबारा ज़िंदा फ़रमाएगा

अल्लाह तआला ने अपने हबीब ﷺ को निहायत मुहकम दलील सिखाई कि फ़रमा दीजिए: वही ख़ुदा इन्हें दोबारा ज़िंदा करेगा जिसने इन्हें उस वक़्त पैदा किया था जब इनका कोई नाम-ओ-निशान तक न था।

अल्लाह तआला हर ज़र्रे का इल्म रखता है। चाहे हड्डियां ख़ाक में मिल जाएं, पानी में बह जाएं या हवा में उड़ जाएं, अल्लाह हर ज़र्रे को पहचानता है और क़ियामत के दिन मुकम्मल दुरुस्ती के साथ सबको दोबारा यकजा फ़रमा देगा।

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