कुरान - 36:81 सूरह या-सीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

81
أَوَلَيۡسَ ٱلَّذِي خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ بِقَٰدِرٍ عَلَىٰٓ أَن يَخۡلُقَ مِثۡلَهُمۚ بَلَىٰ وَهُوَ ٱلۡخَلَّـٰقُ ٱلۡعَلِيمُ

Transliteration: (Awa laisal lazee khalaqas samaawaati wal arda biqaadirin 'alaaa ai-yakhluqa mislahum; balaa wa Huwal Khallaaqul 'Aleem)

और क्या वह जिसने आसमानों और ज़मीन को पैदा फ़रमाया, इस पर क़ादिर नहीं कि उन जैसों को (दोबारा) पैदा फ़रमा दे [119]? क्यों नहीं! और वही बड़ा पैदा फ़रमाने वाला, सब कुछ जानने वाला है! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह या-सीन आयत 81 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह या-सीन तफ़सीर - आयत 81

"और क्या वह जिसने आसमानों और ज़मीन को पैदा फ़रमाया, इस पर क़ादिर नहीं कि उन जैसों को पैदा फ़रमा दे [119]? क्यों नहीं! और वही बड़ा पैदा फ़रमाने वाला, सब कुछ जानने वाला है!"

[119] आसमान-ओ-ज़मीन का ख़ालिक़ दोबारा पैदाइश पर क़ादिर है

अल्लाह तआला ने अज़ीम तरीन कायनात — सात आसमान, सितारे, सैयारे और ज़मीन — को अदम से वजूद बख़्शा। जिसके लिए इतनी अज़ीम मख़्लूक़ का पैदा करना ज़रा भी मुश्किल न हुआ, उसके लिए इंसान जैसे छोटे वजूद को दोबारा ज़िंदा करना क्या मुश्किल होगा?

वह "अल-ख़ल्लाक़" (अज़ीम ख़ालिक़) और "अल-अलीम" (सब कुछ जानने वाला) है जिसकी क़ुदरत और इल्म की कोई इंतिहा नहीं।

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