कुरान - 10:32 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

32
فَذَٰلِكُمُ ٱللَّهُ رَبُّكُمُ ٱلۡحَقُّۖ فَمَاذَا بَعۡدَ ٱلۡحَقِّ إِلَّا ٱلضَّلَٰلُۖ فَأَنَّىٰ تُصۡرَفُونَ

Transliteration: (Fazaalikumul laahu Rabbukumul haqq; famaazaa ba'dal haqqi illad dalaalu fa anna tusrafoon)

तो यही अल्लाह तुम्हारा सच्चा रब है; फिर सत्य (हक़) के बाद भटकाव (गुमराही) के सिवा और क्या शेष रह जाता है? फिर तुम कहाँ फिराए जा रहे हो? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 32 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 32 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] हक़ और बातिल के बीच कोई तीसरा रास्ता नहीं

सत्य यह है कि केवल अल्लाह ही रब और पूज्य है। जब यह सत्य स्पष्ट हो गया, तो इसके विपरीत जो कुछ भी है वह शुद्ध गुमराही और भ्रम है। सत्य को छोड़कर असत्य की ओर जाना केवल अज्ञानता और हठधर्मिता है।

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