कुरान - 10:34 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

34
قُلۡ هَلۡ مِن شُرَكَآئِكُم مَّن يَبۡدَؤُاْ ٱلۡخَلۡقَ ثُمَّ يُعِيدُهُۥۚ قُلِ ٱللَّهُ يَبۡدَؤُاْ ٱلۡخَلۡقَ ثُمَّ يُعِيدُهُۥۖ فَأَنَّىٰ تُؤۡفَكُونَ

Transliteration: (Qul hal min shurakaaa 'ikum mai yabda'ul khalqa thumma yu'eeduh; qulil laahu yabda'ul khalqa thumma yu'eeduhoo fa annaa tu'fakoon)

आप कहिए, "क्या तुम्हारे बनाए हुए साझीदारों में कोई ऐसा है जो पहली बार सृष्टि की रचना करता हो और फिर उसे दोबारा पैदा करे?" कह दीजिए, "अल्लाह ही पहली बार पैदा करता है और फिर वही उसे दोबारा पैदा करेगा। तो फिर तुम कहाँ बहके जा रहे हो?" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 34 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 34 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] जीवन की शुरुआत और पुनर्जीवन का अकेला स्वामी

दुनिया का कोई देवी-देवता, बुत या इंसान एक तिनका या मक्खी भी पैदा नहीं कर सकता, दोबारा ज़िंदा करना तो बहुत दूर की बात है। जब पहली पैदाइश और आख़िरत में दोबारा उठाना केवल अल्लाह का काम है, तो किसी और की बंदगी करना पूर्ण अंधापन है।

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