कुरान - 10:62 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

62
أَلَآ إِنَّ أَوۡلِيَآءَ ٱللَّهِ لَا خَوۡفٌ عَلَيۡهِمۡ وَلَا هُمۡ يَحۡزَنُونَ

Transliteration: (Alaa innaa awliyaaa'al laahi laa khawfun 'alaihim wa laa hum yahzanoon)

सावधान! निस्संदेह, जो अल्लाह के वली (मित्र/प्रिय बंदे) हैं, उन पर न कोई भय होगा और न वे दुखी होंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 62 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 62 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] “औलिया-अल्लाह” (अल्लाह के मित्र) की महानता

अल्लाह के वलियों को दुनिया और आख़िरत में हर प्रकार के स्थायी भय और शोक से मुक्ति की गारंटी दी गई है। हदीस शरीफ़ में आता है कि अल्लाह के वली वे हैं जिन्हें देखकर अल्लाह याद आ जाए। क़यामत की घबराहट और दोज़ख़ के ख़ौफ़ से वे पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।

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