कुरान - 10:63 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

63
ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَكَانُواْ يَتَّقُونَ

Transliteration: (Allazeena aamanoo wa kaanoo yattaqoon)

(वे वली कौन हैं?) वे जो ईमान लाए और तक़्वा (परहेज़गारी/अल्लाह का डर) अपनाए रहे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 63 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 63 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] विलायत (ईश्वरीय मित्रता) की क़ुरआनी परिभाषा

क़ुरआन ने विलायत का स्पष्ट मापदंड दो चीज़ों को बताया है:
1. ईमान: शुद्ध तौहीद और सुन्नत पर पक्का विश्वास।
2. तक़्वा: अल्लाह के हुक्मों का पालन और गुनाहों से परहेज़।
जो भी बंदा इन दोनों शर्तों को पूरा करता है, वह अल्लाह का वली (दोस्त) बन जाता है।

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